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ojha ji kahin
भारतीय संस्कृति के अनछुये पहलू संकलित और आत्मकथ्य
शुक्रवार, 17 जुलाई 2009
बिजली का तार चिडिया का झुला
आज प्रातः ही एक नन्ही चिडिया के शोर से जागकर देखा तो वो कल ही लगे तार पर झूल रही थी, जो एक की बजाय तीन फेज करने के चक्कर में लगा था। मैने सोचा तार लग गया अब एसी लगेगा, चिडिया ने सोचा तार लग गया अब झूला झूलेंगे। सावन जो है। ...... अपना अपना नजरिया।
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